प्रमाण

वो अच्छा लिखता है,

वो बहुत अच्छा लिखती है

सबसे अच्छा ? 

नहीं। बिल्कुल नहीं।

मैं ऐसी किसी भी धारणा को ख़ारिज करता हूँ। मुझे नहीं लगता “सबसे अच्छा लेखन” जैसी कोई चीज़ होती भी है।

आप कला को जज करते हैं ,कैसे करते हैं इसके तीन सौ तरह तरीके हैं! कौन सबसे बेहतरीन हो इसका कोई सार्वलौकिक मापदंड नहीं हो सकता। इसका जवाब कलाकार की लोकप्रियता से ही नहीं आंका जा सकता। अब दुबारा पढ़िए, मैंने यह नहीं कर रहा कि लोकप्रिय धुरंधर बेहतरीन लेखन नहीं करते,बल्कि सबसे बेहतरीन कौन है इसका कोई सीधा-साधा प्रमाण नहीं है। न जाने कितने लोग हैं इस दुनिया में जो कला के प्रेमी हैं और न जाने कितनी अनुभूतियां। किसको क्या भा जाए,किसकी क्या शैली हो..इस पर आप अनुभूति का ठप्पा लगाइये,आंकलन का नहीं। 

किसी को शब्दावली का खेल पसंद है,कोई बिना भाव समझे नाज़ी बनने की होड़ में रहता है (ऐसे लोगों से दूर ही रहें)और कोई मेरे जैसा हो तो वो कंटेंट का प्यासा रहता है,जिसे थोड़ा लीक से हटकर..कुछ अलग सोचने में मज़ा आता हो।

स्पर्धा अच्छी बात है पर ऐसी स्पर्धा जो किसी को आपके ऊपर हक़ जताने की ताक़त दे,आपके ऊपर अभिमुल्यन तरस के रूप में बरसाने को उतारू हो..उससे राम राम। 
 सीधे सीधे बोलूं तो : 

ART IS SUBJECTED TO APPRECIATION NOT JUDGEMENT.

आप लिखते हैं और अगर आप दूसरों का लिखा हुआ निरंतर पढ़ते हैं तो एक वक्त आयेगा जब आपको खुद लगेगा कि आप कहां चूक रहे हैं या आपको किस क्षेत्र में सुधार की ज़रूरत है। ये फेसबुक,इंस्टाग्राम के लाइक्स नहीं बताएंगे कि आप कितने अच्छे कवि हैं। आप बस लिखते जाइये और खूब लिखते जाइये क्योंकि यही आपके बस में है और इसी में आपने सुख पाया है..

सबसे अच्छी चीज़ हम लेखकों और कवियों के लिए कोई है तो वो है लेखन..एकदम अद्वितीय।

-नितिन “संक्षेप में” चौहान।




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20 thoughts on “प्रमाण”

  1. Exactly you are 100% right. नितिन ये बिल्कुल वैसा ही होगा जैसे कि हम दुष्यंत कुमार और मैथली शरण गुप्त की तुलना करने बैठ जाएं। दोनों की अपनी अलग प्रसंगिकताएँ है, इसलिए पैमाना एक कैसे हो सकता।

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        1. Its been 3 years since the inception of my blog. I used to write a lot on the spoken word, lately it’s been poetry and stuff. However,you can read my post “To the lot of you” which falls in the same genre(sort of).Most of my work has been deleted due to major mood swings but I have found rhythm this year. Also,I have discovered wonderful writers whose write ups keeps me motivated.

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